बांग्लादेश चुनाव के बीच आतंकी साजिश का इनपुट, लश्कर&जैश की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

बांग्लादेश में 13वें आम सभा के लिए स्थानीय समयानुसार सुबह 7.30 बजे से वोटिंग जारी है। इस बीच बीएनपी के छात्र संगठन ने जमात-ए-इस्लामी पर अवैध वोटिंग का आरोप लगाया है। वहीं बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने आदमजी कैंटोनमेंट कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी डर के अपना वोट डालने का आह्वान किया। इससे पहले बीएनपी लीडर तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल के पोलिंग बूथ पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो उनका मुख्य फोकस देश की सुरक्षा पर होगा। ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें। अंंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भी ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल पर स्थानीय समयानुसार सुबह 10.26 बजे वोट डाला। मगर हसीना के गृह नगर गोपाल गंज के पोलिंग बूथों पर लगभग सन्नाटा है।बांग्लादेश में दोपहर 12 बजे तक 32.88 फीसदी वोटचुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 42,651 केंद्रों पर मतदान जारी है और अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित नहीं किया गया है।हसीना के गृह नगर गोपाल गंज में विस्फोटबांग्लादेश में चुनाव के दौरान बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे एक बम धमाका हुआ है। इसमें 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार यह ब्लास्ट गोपालगंज में मतदान केंद्र पर एक क्रूड बम के जरिया हुआ। इस विस्फोट से 3 लोग घायल गए। घटना गोपालगंज शहर में सुबह करीब 9 बजे शहर के निचुपारा इलाके में रेशमा इंटरनेशनल स्कूल मतदान केंद्र पर हुई। प्रिजाइडिंग ऑफिसर जहीरुल इस्लाम ने इसकी पुष्टि की है। घायलों में दो अंसार सदस्य-सुकांता मजुमदार और जमाल मोल्ला व 13 वर्षीय किशोरी अमेना खानम है, जो शहर के आरामबाग इलाके के निवासी आशरफ अली मिशु की बेटी है।गोपालगंज के बूथों पर सन्नाटाबांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृहनगर कहे जाने वाले गोपालगंज क्षेत्र में सुबह के दौरान पोलिंग बूथ पूरी तरह से खाली दिखाए गए। अलजजीरा ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में बहुत कम मतदाता घर से बाहर निकल रहे हैं। सुबह के वक्त पोलिंग बूथ लगभग खाली पड़ा रहा। अवामी लीग के समर्थक भी मतदान से दूर रहते दिख रहे हैं। यह जिला टुंगीपाड़ा को शामिल करता है। यह स्थान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का जन्मस्थान और मकबरा स्थल और लंबे समय से अवामी लीग का गढ़ माना जाता रहा है। स्थानीय प्रसारक एकॉन टीवी की एक रिपोर्ट में टुंगीपाड़ा के एक मतदान केंद्र पर सुबह के समय बहुत कम मतदाता दिखाए गए। इसे “लगभग खाली” बताया गया, जहां मुश्किल से कोई आ रहा था।हसीना गोपालगंज से लड़ती थीं हसीना ने बार-बार गोपालगंज-3 से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर वह बड़े अंतर से वह जीत हासिल करती रहीं है। गोपालगंज-1, 2 और 3 में कुल मिलाकर जिले में लगभग दस लाख मतदाता हैं। मगर इस बार अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है, जिससे उसका प्रतीक “नाव” मतपत्र पर नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव उसके गढ़ इलाकों में भागीदारी को कम कर सकता है। अब भारत में निर्वासन में रह रही हसीना और उनके सहयोगियों ने समर्थकों से गुरुवार के मतदान का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने “No Boat, No Vote” (नाव नहीं, वोट नहीं) के तहत यह अपील जारी की है। उनका तर्क है कि अवामी लीग के बिना चुनाव “वैध नहीं माना जा सकता”। शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भी मीडिया और सोशल मीडिया पर बार-बार कहा है कि “वोट डालने का कोई मतलब नहीं”। उन्होंने इस चुनाव को “नकली” करार दिया है।

बांग्लादेश चुनाव के बीच आतंकी साजिश का इनपुट, लश्कर&जैश की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

बांग्लादेश में 13वें आम सभा के लिए स्थानीय समयानुसार सुबह 7.30 बजे से वोटिंग जारी है। इस बीच बीएनपी के छात्र संगठन ने जमात-ए-इस्लामी पर अवैध वोटिंग का आरोप लगाया है। वहीं बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने आदमजी कैंटोनमेंट कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी डर के अपना वोट डालने का आह्वान किया। इससे पहले बीएनपी लीडर तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल के पोलिंग बूथ पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो उनका मुख्य फोकस देश की सुरक्षा पर होगा। ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें। अंंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भी ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल पर स्थानीय समयानुसार सुबह 10.26 बजे वोट डाला। मगर हसीना के गृह नगर गोपाल गंज के पोलिंग बूथों पर लगभग सन्नाटा है।बांग्लादेश में दोपहर 12 बजे तक 32.88 फीसदी वोट
चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 42,651 केंद्रों पर मतदान जारी है और अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित नहीं किया गया है।हसीना के गृह नगर गोपाल गंज में विस्फोट
बांग्लादेश में चुनाव के दौरान बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे एक बम धमाका हुआ है। इसमें 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार यह ब्लास्ट गोपालगंज में मतदान केंद्र पर एक क्रूड बम के जरिया हुआ। इस विस्फोट से 3 लोग घायल गए। घटना गोपालगंज शहर में सुबह करीब 9 बजे शहर के निचुपारा इलाके में रेशमा इंटरनेशनल स्कूल मतदान केंद्र पर हुई। प्रिजाइडिंग ऑफिसर जहीरुल इस्लाम ने इसकी पुष्टि की है। घायलों में दो अंसार सदस्य-सुकांता मजुमदार और जमाल मोल्ला व 13 वर्षीय किशोरी अमेना खानम है, जो शहर के आरामबाग इलाके के निवासी आशरफ अली मिशु की बेटी है।गोपालगंज के बूथों पर सन्नाटा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृहनगर कहे जाने वाले गोपालगंज क्षेत्र में सुबह के दौरान पोलिंग बूथ पूरी तरह से खाली दिखाए गए। अलजजीरा ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में बहुत कम मतदाता घर से बाहर निकल रहे हैं। सुबह के वक्त पोलिंग बूथ लगभग खाली पड़ा रहा। अवामी लीग के समर्थक भी मतदान से दूर रहते दिख रहे हैं। यह जिला टुंगीपाड़ा को शामिल करता है। यह स्थान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का जन्मस्थान और मकबरा स्थल और लंबे समय से अवामी लीग का गढ़ माना जाता रहा है। स्थानीय प्रसारक एकॉन टीवी की एक रिपोर्ट में टुंगीपाड़ा के एक मतदान केंद्र पर सुबह के समय बहुत कम मतदाता दिखाए गए। इसे “लगभग खाली” बताया गया, जहां मुश्किल से कोई आ रहा था।हसीना गोपालगंज से लड़ती थीं 
हसीना ने बार-बार गोपालगंज-3 से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर वह बड़े अंतर से वह जीत हासिल करती रहीं है। गोपालगंज-1, 2 और 3 में कुल मिलाकर जिले में लगभग दस लाख मतदाता हैं। मगर इस बार अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है, जिससे उसका प्रतीक “नाव” मतपत्र पर नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव उसके गढ़ इलाकों में भागीदारी को कम कर सकता है। अब भारत में निर्वासन में रह रही हसीना और उनके सहयोगियों ने समर्थकों से गुरुवार के मतदान का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने “No Boat, No Vote” (नाव नहीं, वोट नहीं) के तहत यह अपील जारी की है। उनका तर्क है कि अवामी लीग के बिना चुनाव “वैध नहीं माना जा सकता”। शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भी मीडिया और सोशल मीडिया पर बार-बार कहा है कि “वोट डालने का कोई मतलब नहीं”। उन्होंने इस चुनाव को “नकली” करार दिया है।